- फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों के आधार पर नियुक्त हुए सहायक अध्यापक को पौड़ी पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल
- कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से शिक्षक पद पर प्राप्त की थी नियुक्ति
कोटद्वार : उप शिक्षा अधिकारी प्राथमिक शिक्षा रिखणीखाल के द्वारा 31 मई 2025 को दी गई तहरीर के आधार पर थाना रिखणीखाल पर मु0अ0स0-06/25, धारा- 420/467/468/471 आई.पी.सी. बनाम दिनेश रावत पंजीकृत किया गया था।
विवेचक द्वारा विवेचना के द्वारा दौराने दिनेश सिंह रावत निवासी-धूरा पेनो रिखणीखाल, हाल निवासी कोटद्वार के सम्बन्ध में जानकारी की गई। जिसमें यह तथ्य प्रकाश में आये कि दिनेश रावत 18 अक्टूबर 1993 को मृतक आश्रित के रूप में शिक्षक पद पर नियुक्त हुए जिनके द्वारा वर्ष 1993 में जनता इंटर कॉलेज छज्जुपुर जनपद गाजियाबाद हापुड़ में माध्यमिक शिक्षा परिषद मेरठ उत्तर प्रदेश द्वारा जारी प्रमाण पत्र से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण होने संबंधी प्रमाण कूटरचित दस्तावेजों को शिक्षा विभाग में जमा कराया गया।
इस प्रकरण में और अधिक गहनता से जांच व खोजबीन करने पर पाया कि दिनेश सिंह रावत द्वारा परीक्षा वर्ष 1993 मॆ माध्यमिक शिक्षा परिषद मेरठ उत्तर प्रदेश के अंतर्गत आने वाली कोई भी विद्यालय परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की थी फर्जी व कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर दिनेश सिंह रावत द्वारा शिक्षा विभाग में नौकरी प्राप्त की गई थी इसके अतिरिक्त विभागीय जांच में भी दिनेश सिंह रावत द्वारा फर्जी प्रमाण पत्र विभाग में जमा कराने की पुष्टि की हुई ।
पुलिस टीम द्वारा की गई गहन छानबीन, दस्तावेज सत्यापन एवं साक्ष्यों के विश्लेषण के उपरांत, 26 जून 2025 को अभियुक्त को उसके निवास स्थान शिबूनगर, कोटद्वार से गिरफ्तार किया गया, जिसे माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
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