देहरादून: उत्तराखंड में मुख्यमंत्री बदलने की चर्चाओं के बीच उन पत्रकारों पर दर्ज मुकदमों का मामला गरमा गया है, जिन्होंने इस तरह की खबरें चलाई थीं। इस मुद्दे पर कांग्रेस के पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने बयान दिया है।
रावत ने कहा कि जब वह उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री थे, तब एक राष्ट्रीय स्तर के संस्थान ने उनके खिलाफ खबर प्रकाशित की थी, लेकिन उन्होंने उस पर मुकदमा दर्ज कराने की बजाय उसे सहजता से लिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की स्वतंत्रता जरूरी है, और असहज करने वाली खबरों पर मुकदमा दर्ज करना पत्रकारिता पर दबाव बनाने जैसा है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी संस्थान ने मातबर सिंह कंडारी या सुबोध उनियाल पर खबर चलाई होगी और मुकदमा दर्ज हुआ है, तो यह गलत संदेश देता है। उनके अनुसार, यह कृत्य लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को दबाने जैसा है।
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