उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में मंगलवार को बादल फटने के कारण आई प्राकृतिक आपदा के बाद राहत और बचाव कार्य आज बुधवार, 6 अगस्त को भी लगातार जारी है। सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें संयुक्त रूप से प्रभावित क्षेत्र में राहत कार्यों में जुटी हैं।
प्रदेश में बीते 48 घंटे से लगातार हो रही बारिश ने हालात और भी गंभीर बना दिए हैं। धराली में बादल फटने से भारी तबाही मची है, जिसमें अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। राहत की बात यह है कि अब तक 80 से अधिक लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। हालांकि, गांव में अभी भी करीब 200 लोग फंसे हुए हैं।
सेना के जनसंपर्क अधिकारी मनीष श्रीवास्तव के अनुसार, आपदा में सेना का एक कैंप भी क्षतिग्रस्त हुआ है और कुछ जवानों के लापता होने की खबर है। आईटीबीपी और सेना के जवान 25 फीट ऊंचे मलबे के बीच रास्ता बनाकर ग्रामीणों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं और अस्थायी पुलिया भी बनाई जा रही है।
बारिश, बिजली और संचार सेवाओं की कमी के चलते राहत कार्यों में बाधाएं आ रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने आपदा क्षेत्र के लिए 11 डॉक्टरों की विशेष टीम भेजी है, जिसमें 5 सर्जन, 4 आर्थो विशेषज्ञ और 2 फिजिशियन शामिल हैं। चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने टीम को तत्काल रवाना किया।
ये सभी डॉक्टर अगले आदेशों तक धराली में ही रहकर अपनी सेवाएं देंगे। प्रशासन, सेना और राहत एजेंसियों के तालमेल से आपदा से निपटने के प्रयास लगातार जारी हैं।
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